तपती दोपहरी में गेहूं लेकर आए किसानों के बीच पहुंचीं गोला SDM।

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तपती दोपहरी में गेहूं लेकर आए किसानों के बीच पहुंचीं गोला SDM।

लखीमपुर खीरी : (रिपोर्ट : संपादकडॉ. अजय मित्रा )

गोला गोकर्णनाथ, खीरी। मंडी परिसर में ट्रैक्टर-ट्रॉली की कतार, सिर पर गमछा, और माथे से टपकता पसीना… अप्रैल की ये दोपहर किसानों के लिए आसान नहीं थी।

इसी बीच उपजिलाधिकारी प्रतीक्षा त्रिपाठी गेहूं क्रय केंद्रों का हाल देखने पहुंचीं। पर ये निरीक्षण फाइलों वाला नहीं था।

क्या-क्या देखा, क्या कहा?

SDM सीधे पेड़ के नीचे बैठे किसानों के बीच जा बैठीं। पहला सवाल अफसर से नहीं, वहीं बैठे बुज़ुर्ग किसान से पूछा — बाबा, पानी मिल रहा है? छांव है बैठने को?

फिर बारी-बारी से बिजली, पंखा, पीने के पानी का मटका, टीन शेड सब चेक किया। जहां कमी दिखी, वहीं अधिकारियों को टोका गर्मी में अनाज लेकर आया किसान हमारा मेहमान है। उसे धूप में खड़ा नहीं देख सकती।

किसानों ने खोल दिया दिल

मैडम, टोकन तो मिल गया पर तौल में देर लगती है, एक नौजवान बोला। पानी का टैंकर खाली पड़ा था सुबह, दूसरे ने जोड़ा।

SDM ने सब सुना, नोट किया और मौके पर ही निर्देश दिए टैंकर अभी भरो, तौल की मशीन बढ़ाओ, और हर शेड में मटका रखो। किसान परेशान नहीं होना चाहिए।

भरोसा देकर लौटीं

जाते-जाते आश्वासन दे गईं ये गर्मी का मौसम है। आपका पसीना कीमती है। जो दिक्कत बताई है, वो कल से नहीं दिखेगी।

ट्रैक्टर पर गेहूं लादे खड़ा रामसेवक बोला साहब लोग कुर्सी से उठकर आए, इतने में ही आधा दुख कम हो गया।

फिलहाल मंडी में पंखे की स्पीड बढ़ा दी गई है, और मटके में पानी भी। देखना है कि ये राहत सिर्फ निरीक्षण तक रहती है, या वाकई किसान की ट्रॉली खाली होने तक चलती है।

 

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