नगर मे जल भराव की समस्या से राहत दिलाने के उद्देश्य को लेकर नगर पालिका अध्यक्ष विजय शुक्ल रिंकू ने दिखाई सक्रियता 
(एम डी न्यूज़ रिपोर्ट : संपादक : डॉ. अजय कुमार मित्रा )
गोला गोकर्णनाथ खीरी। 12 मई बरसात से पहले नगरवासियों को जलभराव की समस्या से राहत दिलाने के उद्देश्य से नगर पालिका परिषद छोटी काशी गोला गोकर्णनाथ अब पूरी सक्रियता के साथ मैदान में उतर आई है। पालिकाध्यक्ष विजय शुक्ला रिंकू की पहल पर जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह के निर्देश पर सिंचाई विभाग और जल निगम की संयुक्त टीम ने नगर के विभिन्न इलाकों का स्थलीय निरीक्षण कर जल निकासी व्यवस्था का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों की टीम ने नगर के उन स्थानों को प्राथमिकता से देखा, जहां हर वर्ष बारिश में जलभराव की समस्या लोगों की परेशानी बढ़ा देती है। शिव मंदिर कॉरिडोर क्षेत्र में निर्माण कार्य और जल निकासी व्यवस्था का तकनीकी परीक्षण किया गया। वहीं नीलकंठ मैदान के पास नाला, मेला मैदान नलकूप क्षेत्र, अम्बेडकर चौराहा, सतौती नाला, कोयले वाली गली, केडिया फार्म के पास पुलिया, भूतनाथ फॉरेस्ट पुलिया तथा रेलवे अंडरपास जैसे संवेदनशील क्षेत्रों का भी गहन निरीक्षण किया गया।
स्थानीय लोगों ने भी अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रखीं और बरसात के दिनों में होने वाली दिक्कतों से अवगत कराया। टीम ने मौके पर जल निकासी मार्गों की स्थिति को देखा और आवश्यक सुधारों को लेकर चर्चा की। निरीक्षण के बाद तैयार होने वाली विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर स्थायी समाधान की कार्ययोजना बनाई जाएगी।
पालिकाध्यक्ष विजय शुक्ला रिंकू ने कहा कि नगरवासियों को जलभराव जैसी समस्या से स्थायी राहत दिलाना नगर पालिका की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि बरसात से पहले सभी बड़े नालों और छोटी नालियों की सफाई युद्धस्तर पर कराई जा रही है तथा पालिका की टीमें प्रतिदिन क्षेत्रवार निगरानी कर रही हैं ताकि कहीं भी पानी भरने की स्थिति न बने।
उन्होंने नगरवासियों और व्यापारियों से अपील करते हुए कहा कि नालों में कूड़ा-कचरा न डालें और सफाई व्यवस्था में सहयोग करें, क्योंकि स्वच्छ और जलभराव मुक्त नगर बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
निरीक्षण के दौरान अधिशासी अधिकारी संजय कुमार, सफाई एवं खाद्य निरीक्षक संदीप वर्मा, जेई सिविल अनिल कुमार यादव, जेई जलकर आदर्श मिश्रा सहित पालिका कर्मचारी मौजूद रहे।












