लखीमपुर खीरी। ( रिपोर्ट : संपादक डॉ. अजय मित्रा )
गोला गोकर्णनाथ, खीरी। सहकारी गन्ना विकास समिति गोला गोकर्णनाथ की सामान्य बैठक में किसानों की समस्याएं प्रमुखता से उठाई गईं। बैठक सीजीएन पीजी कॉलेज में समिति अध्यक्ष श्रीमती वीना आशीष सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के जिला अध्यक्ष अंजनी कुमार दीक्षित ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर लिखित एवं मौखिक प्रस्ताव पारित करने की मांग की। बैठक में अंजनी दीक्षित ने कहा कि गन्ना समिति में किसानों की कर्ज सीमा 50 हजार रुपये होने के बावजूद स्वीकृत कर्ज पर मात्र 5 हजार रुपये की खाद उपलब्ध कराई जा रही है, जबकि गन्ने की फसल वर्षभर चलने वाली फसल है और इसमें खाद एवं कीटनाशकों की अधिक आवश्यकता होती है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब गन्ना विकास विभाग अलग से संचालित है, तो समिति कृषि विभाग के दिशा-निर्देशों पर क्यों चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि यूरिया की कमी के चलते किसान भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। किसानों की कर्ज सीमा के अनुसार इच्छुक किसानों को पूरी खाद उपलब्ध कराई जानी चाहिए। किसान नेता ने कहा कि बढ़ती महंगाई के कारण गन्ने की खेती लगातार घाटे का सौदा बनती जा रही है और किसान इससे दूरी बना रहे हैं। ऐसे में सरकार को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले गन्ने का समर्थन मूल्य कम से कम 500 रुपये प्रति कुंतल घोषित करना चाहिए। अंजनी दीक्षित ने अस्वीकृत गन्ना प्रजातियों के मूल्य का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रजाति को समाप्त होने में तीन से चार वर्ष का समय लगता है, इसलिए अस्वीकृत प्रजातियों का मूल्य अर्ली प्रजातियों से 25 रुपये प्रति कुंतल कम रखा जाना चाहिए, जैसा पूर्व में निर्धारित था। बैठक में बजाज ग्रुप पर किसानों का भुगतान समय से न करने का आरोप भी लगाया गया। किसान नेता ने कहा कि गन्ना अधिनियम एवं न्यायालय के आदेशानुसार विलंबित भुगतान पर ब्याज किसानों को दिलाया जाना चाहिए, ताकि चीनी मिलें समय से भुगतान करने को बाध्य हों।
इसके अलावा समिति के आय-व्यय एवं विकास कार्यों का पूरा विवरण प्रतिवर्ष पत्रिका के माध्यम से सभी डेलीगेट किसानों को उपलब्ध कराने की मांग भी की गई। बैठक में बजाज ग्रुप एवं बलराम ग्रुप के अधिकारी, गन्ना समिति के कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में किसान प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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