लखीमपुर खीरी। ( रिपोर्ट : धर्मवीर सवाददाता लखीमपुर )
स्वतंत्र महिला पत्रकार शाहीना खान एवं नफीसा खान के साथ कथित मारपीट एवं अभद्र व्यवहार के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। मामले को लेकर राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद (रजि.) के जिला अध्यक्ष विमलेश पांडेय ने राष्ट्रपति एवं संबंधित जिला प्रशासन को पत्र भेजकर निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
पत्र के अनुसार, दोनों महिला पत्रकार एक अस्पताल में आयोजित नए विंग के शुभारंभ कार्यक्रम की कवरेज कर रही थीं। आरोप है कि इसी दौरान कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा दोनों पत्रकारों के साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार एवं मारपीट की गई। आरोप यह भी है कि उन्हें जबरन पुलिस वाहन में बैठाकर थाने ले जाया गया, जहां भी उनके साथ कथित मारपीट की गई।
राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद ने घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि पत्रकार समाज के सामने वास्तविक घटनाओं को रखने और लोकतांत्रिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में पत्रकारों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार अथवा हिंसा चिंता का विषय है।
संगठन ने मांग की है कि पूरे प्रकरण का निष्पक्ष एवं गंभीरता से जांच कराई जाए। जांच में यदि किसी पुलिसकर्मी की भूमिका सामने आती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार तत्काल कार्रवाई की जाए, ताकि पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्र पत्रकारिता के अधिकारों पर लोगों का भरोसा कायम रहे।
अब बड़ा सवाल यह है कि महिला पत्रकारों द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कब तक पूरी होगी और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर क्या कार्रवाई की जाएगी?











