एक महीने में गोवंश की सेहत सुधारने का अल्टीमेटम, अगली जांच में लापरवाही मिली तो और कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
लखीमपुर खीरी। जिले की चाऊपुर गौशाला में गोवंश की खराब सेहत का मामला सामने आने पर जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने सख्त रुख अपनाया है। गौशाला में संरक्षित 530 गोवंश में कई पशु कमजोर मिलने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। डीएम ने गोवंश की देखभाल में सुधार के लिए एक महीने की समयसीमा तय करते हुए जिम्मेदारों को स्पष्ट चेतावनी दी है।
निरीक्षण के दौरान गोवंश की कमजोर स्थिति मिलने पर जिलाधिकारी ने संबंधित ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ कार्रवाई की। वहीं, निघासन ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। इस कार्रवाई से गौशाला के संचालन और गोवंश की देखभाल में लापरवाही को लेकर प्रशासन की सख्ती का संकेत मिला है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि गौशाला में संरक्षित सभी गोवंश के खानपान, स्वास्थ्य और उचित देखभाल पर विशेष ध्यान दिया जाए। कमजोर पशुओं की स्थिति में सुधार लाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि उन्हें पर्याप्त पोषण और आवश्यक देखभाल मिल सके। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित निगरानी करने और व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने की हिदायत भी दी।
डीएम ने साफ कहा कि अगली बार निरीक्षण के दौरान यदि व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं मिला तो जिम्मेदारों के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने गोवंश की सेहत सुधारने के लिए एक महीने का समय दिया है। अब देखना होगा कि तय समयसीमा में गौशाला की व्यवस्थाओं में कितना सुधार होता है और कमजोर गोवंश की स्थिति कितनी बेहतर हो पाती है।
गोवंश संरक्षण के लिए संचालित गौशालाओं में पशुओं को पर्याप्त चारा, स्वच्छ पानी, उचित आश्रय और समय पर उपचार उपलब्ध कराना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। चाऊपुर गौशाला में हुई इस कार्रवाई के बाद अब निगाहें प्रशासन की अगली समीक्षा और गोवंश की सेहत में होने वाले सुधार पर टिकी हैं।











