गोरखपुर :-
एक हफ्ता से अधिक हो गया मेरा व्हाट्सप्प बन्द कर दिया है सरकार के दबाव मे, सरकार मुझसे घबराती है, मै मुख्यमंत्री के शहर गोरखपुर मे रहता हुँ, जनहित के मुद्दों पर संघर्ष करता हूँ, कई बड़े जन आन्दोलन चला चूका हूँ, इसलिए मुझे पिछले एक साल मे सरकार नेगिरफ्तार किया,लगभग 6 से 7 महीने गोरखपुर और महराजगंज जेल मे कैद रखा, प्रताड़ित किया…
पहली गिरफ़्तारी जब हमने दलित पिछड़े गरीब भूमिहीनों को प्रति परिवार एक एकड़ जमीन देने की माँग को लेकर गोरखपुर कमिश्नर कार्यालय पर ” डेरा डालो, घेरा डालो ” आन्दोलन किया मुझे और साथियों को 12 बजे रात को कमिश्नर कार्यालय से गिरफ्तार किया गया, सरकार ने कमिश्नर पर हमला करने का झूठा आरोप लगाया, गंभीर धारा मे मुकदमा किया जेल भेजा महीनों बाद हाइकोर्ट के ऑर्डर पर गोरखपुर जेल से रिहा हुआ
दूसरी गिरफ्तारी जब हमने सरकार के वादा खिलाफ़ी के विरुद्ध शहीद स्थली चौरी चौरा से जन आक्रोश यात्रा निकालने का घोषणा किया तब मुझे आन्दोलन से तीन दिन पहले घर जाते समय रास्ते मे रात मे पुलिस ने इस तरह गिरफ्तार किया जैसे किसी व्यक्ति का अपहरण किया जाता है, मतलब गिरफ्तार करने के बाद परिवार को भी सूचित नही करने दिया की मेरी गिरफ्तारी हुई है, हो सकता है पुलिस साजिश करके मेरी गाड़ी मे कुछ भी गैर कानूनी सामान या हथियार रख कर मेरा एनकाउंटर भी कर सकते थे, इस बार भी कई दिनों तक मुझे गोरखपुर की जेल मे गिरफ्तार करके भेजा गया
तीसरी गिरफ्तारी बहुत क्रूर तरीके से मेरा किया गया, नियम कानून का पूरा धज्जियाँ उड़ा दिया गया इस बार मुद्दा था माइक्रो फाइनेन्स कम्पनियों के शोषण और दमन के विरुद्ध हमने आवाज उठाया था, ग्रामीण क्षेत्रों मे लाखों गरीब मजदूर महिलाएं माइक्रो फाइनेंस के जाल में फंसकर मौत के मुंह में पहुंच चुकी थी शोषण,प्रताड़ना से आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो गई थी जब इस शोषण उत्पीड़न की जानकारी अम्बेडकर जन मोर्चा को हुई तो मैने साथियों के साथ मिलकर अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाया, सरकार से यह डिमांड किया कि जब अंबानी अडानी का लाखों करोड़ का कर्ज माफ हो सकता है तो गांव के इन गरीबों का कर्ज क्यों माफ नही होगा जबकि गरीबों का कर्ज तो सिर्फ पचास हजार से लाख,दो लाख तक ही है
हमने माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के इन लीगल कारोबारके विरुद्ध जनता को जागरूक किया और शासन प्रशासन से कर्ज माफ करने की मांग किया
इसी मांग को लेकर के गांव की गरीब महिलाएं हजारों की संख्या में मुख्यमंत्री के घर यानी गोरखनाथ मंदिर पर पहुंच गई प्राइवेट समूह कर्ज माफ करने की मांग करने लगी, सरकार और प्रशासन को नगवार लगा
फिर सरकार ने मुझे दंगा भड़काने की साजिश का झूठा आरोप लगा दिया और गोदी मिडिया ने फ्रंट पेज का खबर बनाया यह कहा कि श्रवण कुमार निराला दंगा कराने की साजिश कर रहा था,जो सरासर झूठ और गलत था मै तो लाखों गरीब मजदूरों का जीवन बचाना चाहता था और गरीबों को न्याय दिलाना चाहता था, इस के बाद मे जेल गया लेकिन गरीबों को बचाने मे कामयाब भी हो गया, इस बात का संतोष है मुझे
इस प्रकरण में मेरी गिरफ्तारी दिन में 3:00 बजे गोरखपुर के पुराने आरटीओ ऑफिस के सामने से गिरफ्तार किया गया यहां भी मेरी गिरफ्तारी अपराधियों की तरह हुई क्योंकि गिरफ्तार करने वाले पुलिस एसओजी टीम थी चार गाड़ियों में लगभग 25 से 30 आदमी पुलिस वाले थे लेकिन सब सादे वर्दी में थे
मेरी गिरफ्तारी से आरटीओ चौराहे पर पूरा हड़कंप मच गया था लेकिन इसमें भी सरकार ने मेरी गिरफ्तारी जनपद महाराजगंज में दिखाया, जबकि मुझे गोरखपुर में गिरफ्तार किया गया था फिर फर्जी आरोप लगाकर मेरे विरुद्ध पुलिस ने मुकदमा दर्ज कराया और महाराजगंज की जेल में लगभग 4 महीना से अधिक जेल में रखा गया दूसरे जिले के जेल में रखकर सरकार ने मुझे काफी प्रताड़ित किया, डराने की घटना बहुत हुआ है पूरा बताना काफ़ी लम्बा हो जायेगा
अम्बेडकर जन मोर्चा के तमाम पदाधिकारीयों और सहयोगियों को भी प्रताड़ित किया गया,अब सरकार डर का माहौल बनाकर अम्बेडकर जन मोर्चा के कार्यकर्ताओं समर्थकों को और पदाधिकारी को आंदोलन से रोकना चाहती है हम साफ साफ यह बताना चाहते हैं कि हम अम्बेडकरवादी हैं, डरते नहीं है, संघर्ष हमने कल भी किया था,आज भी कर रहे हैं,आगे भी करेंगे,हमारा संघर्ष देश के लिए जारी है…
श्रवण कुमार निराला
मुख्य संयोजक
अम्बेडकर जन मोर्चा
मो.न.-9450093660










