अनेकता में एकता भारत की सबसे बड़ी शक्ति और इसकी सभ्यतागत एवं सांस्कृतिक पहचान है। धार्मिक परम्पराओं का सम्मान, सांस्कृतिक और भाषाई विविधता तथा सभी भारतीयों को धर्म के भेदभाव के बिना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और अपने विश्वासों के अनुसार जीवन जीने का मौलिक अधिकार हमारे देश की वास्तविक पहचान है और यह विविधता न केवल हमारे इतिहास का हिस्सा है, बल्कि यही हमारे देश के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला भी है।
निसंदेह, इस अमय भारत अत्यंत गंभीर एवं चुनौतियों से भरे दौर से गुजर रहा है, जहां सांप्रदायिक शक्तियां हिंदू – मुस्लिम विभाजन को गहरा करने , राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सदभाव को कमजोर करने तथा संविधान की मूल भावना को आहत करने का संभव प्रयास कर रही हैं। यह स्तिथि केवल मुसलमानों के लिए ही नहीं, बल्कि भारत की साझा संस्कृति, लोकतांत्रिक परंपराओं और राष्ट्रिय एकता के लिए एक गंभीर चुनौती है
जमीयत उलमा – ए – हिंद का दृढ़ विश्वास है कि देश की प्रगति, समृद्धि और सुरक्षा की कुंजी आपसी भाईचारे, सहिष्णुता और धार्मिक सदभाव में निहित है। इन मूल्यों के बिना हमारा देश भारत कभी भी विकाश के मार्ग पर आगे नहीं बढ़ सकता।












